Marginal farmer Gyaneshwar Vaishnav appreciated the transparent system.
डिजिटल टोकन से आसान हुई धान खरीदी, किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
रायपुर / प्रदेश में धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू की गई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। डिजिटल टोकन प्रणाली के चलते धान विक्रय की प्रक्रिया न केवल सरल और सहज हुई है, बल्कि किसानों के समय, श्रम और खर्च में भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।
अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुडेसा निवासी सीमांत किसान श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि इस वर्ष उनकी धान की फसल बेहतर रही है। उनके पास कुल 45.60 क्विंटल धान था, जिसके लिए उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे ही पहला टोकन काटा। डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें टोकन कटवाने के लिए बार-बार उपार्जन केन्द्र जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
श्री वैष्णव ने बताया कि उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही उन्हें गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी धान विक्रय प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्रों में किसानों के लिए पीने के पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे सुविधाजनक वातावरण मिला।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
सीमांत किसान श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव ने धान खरीदी की वर्तमान पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस व्यवस्था से किसान संतुष्ट और खुश हैं।



