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सफलता की कहानी : धान बेचकर मिली राशि का उपयोग रबी की दलहन-तिलहन फसलों के लिए करेंगे किसान राजकुमार , फसल विविधीकरण की दिशा में करेंगे पहल

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Success Story: Farmer Rajkumar will use the money earned from selling paddy to cultivate Rabi season pulses and oilseeds, taking a step towards crop diversification.

उत्तर बस्तर कांकेर, 05 जनवरी 2026/ समर्थन मूल्य पर धान बेचकर जिले किसान आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। जिले के ग्राम मोहपुर निवासी किसान श्री राजकुमार भास्कर ने अपनी मेहनत, लगन और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे हैं । श्री भास्कर के पास कुल 18 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करते रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि वर्तमान खरीफ सत्र में उन्होंने 61.60 क्विंटल तथा 148 क्विंटल धान खरीदी केंद्र कांकेर में बेचा । श्री भास्कर का कहना है कि धान बेचकर जो धनराशि प्राप्त होगी, उसे पूर्व में मिली राशि के साथ जोड़कर वे नया घर निर्माण करेंगे, जो उनका लंबे समय से देखा गया सपना है। साथ ही धान के साथ-साथ वे उड़द एवं हिरवा (कुल्थी) जैसी दलहन-तिलहन फसलों की भी खेती करते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है और भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है।

किसान श्री भास्कर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान बेचकर उससे प्राप्त राशि का उपयोग बहुत से नए कार्यों में हो रहा है। 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी राज्य शासन की किसानों के प्रति उदार नीति को प्रकट करती है। उल्लेखनीय है कि किसान श्री भास्कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। योजनाबद्ध खेती, फसल विविधीकरण और समर्थन मूल्य पर विक्रय से न केवल किसानों की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।

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