The developed India Ram-Ji Act is better than MNREGA – Shivnarayan Pandey
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं विकसित भारत राम-जी अधिनियम के मुख्य वक्ता शिवनारायण पांडे ने भाजपा अटल सदन कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में विकसित भारत राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है। यह अधिनियम देश के गांवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम किसानों से लेकर मजदूरों तक को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने पहले भाषण में स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के नाम समर्पित रहेगी। उसी सोच के अनुरूप घर-घर बिजली, शौचालय, आवास और जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गईं। प्रेसवार्ता में शिवनारायण पांडे ने बताया कि विकसित भारत राम-जी अधिनियम, मनरेगा का उन्नत और अधिक प्रभावी स्वरूप है। जहां मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। इससे मजदूरों की आय में बढ़ोतरी होगी। मजदूरी का भुगतान अब सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होता है, तो विलंबित भुगतान पर अतिरिक्त राशि मजदूरों को दी जाएगी, जिसे मजदूरी पर ब्याज के रूप में माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि खेती-किसानी को सुरक्षित रखने के लिए अधिनियम में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, जिससे किसानों को पर्याप्त मजदूर मिल सकें और कृषि कार्य प्रभावित न हों। इससे ग्रामीण पलायन पर भी रोक लगेगी और कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मनरेगा में फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के उपयोग और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं, जिन्हें यह नया अधिनियम स्वतः समाप्त करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा। यह अधिनियम ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन। जल संरक्षण, नदी-नालों के सुधार, कटाव रोकने और सिंचाई संरचनाओं के विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे बल मिलेगा। यह अधिनियम गांवों में टिकाऊ विकास, स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा। प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार, जिला उपाध्यक्ष गोपाल पवार, सतेंद्र ठाकुर, जिला महामंत्री संजय लुक्कड़, फूलचंद गागड़, उर्मिला तोकल, पूजा पोदी, जागर लक्ष्मैया, प्रताप यादव, सुधाकर के जी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



