“शिकायतों की पेंडेंसी खत्म कर अपराधियों पर कार्रवाई तेज करें थाना प्रभारी— एसएसपी शशि मोहन सिंह”
🚨 एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ली अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और सक्रिय अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
🚨 थाना प्रभारियों को स्टाफ पर कड़ा नियंत्रण रखने और आमजन से शालीन व्यवहार प्रदर्शित करने के निर्देश
🚨 “ऑपरेशन आघात, शंखनाद, अंकुश और तलाश से अपराधियों पर चौतरफा पुलिस की कार्रवाई होगी तेज”
🚨 बेहतर पुलिसिंग को बढ़ावा, हर माह उत्कृष्ट थाना प्रभारी को मिलेगा ‘कॉप ऑफ द मंथ’
🚨 जुआ-सट्टा, मादक पदार्थ, मवेशी तस्करी और फरार आरोपियों के खिलाफ विशेष अभियानों को तेज करने कहा
आज दिनांक 08 मार्च 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों तथा विभिन्न शाखा प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक के प्रारंभ में सभी शाखा प्रभारियों से वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त पत्राचार तथा लंबित मामलों की जानकारी ली गई और उनके शीघ्र निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
एसएसपी श्री सिंह ने जिले में स्थापित एमसीयू के माध्यम से सभी थानों में गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश डीसीआरबी प्रभारी को दिए। लॉ सेक्शन प्रभारी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जवाबदावों का समय पर निराकरण करने तथा ई-समंस की शत प्रतिशत तामिली सुनिश्चित करने कहा गया। शिकायतों की पेंडेंसी को लेकर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों को विवेचना की तरह अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। विशेष रूप से महिलाओं, असहाय व्यक्तियों और वृद्धों से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश देते हुए लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की गई।
बैठक में डायल-112 कर्मचारियों की विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए और समय-समय पर स्टाफ की जांच करने को कहा गया ताकि सेवा में किसी प्रकार की शिकायत सामने न आए। एसएसपी ने सीसीटीएनएस में कार्यों की एंट्री को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए थाना प्रभारियों को समय पर सभी एंट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात थाना प्रभारियों के साथ क्राइम मीटिंग लेते हुए उन्होंने गुंडा-बदमाशों की समीक्षा कर सक्रिय अपराधियों को निगरानी में लाने तथा वृद्ध हो चुके निगरानी बदमाशों को माफी बदमाश की श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। सक्रिय बदमाशों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विजुअल पुलिसिंग के तहत प्रतिदिन शाम को फुट पेट्रोलिंग करने तथा अड्डेबाजी वाले क्षेत्रों में बदमाशों की नियमित जांच-पड़ताल और कार्रवाई कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लंबित हत्या, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, पॉक्सो एक्ट तथा लूट के गंभीर मामलों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों से लंबित मामलों के कारणों की जानकारी लेकर उनके शीघ्र निराकरण के लिए मार्गदर्शन दिया। साथ ही जिले की कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की गति बनाए रखने तथा एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार आरोपियों की संपत्ति जप्ती के लिए “सफेमा” के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी तरह “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत मवेशियों की अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने और विशेष रणनीति के साथ कार्रवाई जारी रखने कहा गया।
“ऑपरेशन अंकुश” के अंतर्गत जुआ और सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रखने तथा नामजद फरार खाईवालों पर कड़ी नजर रखते हुए रायगढ़ अथवा आसपास के जिलों में दिखने पर तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही “ऑपरेशन तलाश” के तहत प्रत्येक माह 10 से 15 तारीख के बीच फरार वारंटियों और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों को लेकर समय-समय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा पंजीबद्ध साइबर अपराधों की विवेचना त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करने के लिए एसडीओपी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया।
क्राइम मीटिंग के पश्चात एसएसपी श्री सिंह ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में विवेचकों की बैठक लेकर लंबित मामलों की समीक्षा करने कहा और चेतावनी दी कि किसी भी प्रकरण को जानबूझकर अनावश्यक रूप से लंबित रखने की स्थिति में संबंधित विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अच्छे कार्य करने वाले थाना कर्मचारियों के लिए प्रशंसा पत्र भेजने के निर्देश दिए तथा बताया कि प्रत्येक माह थाना-चौकी के कार्यों की समीक्षा के आधार पर थाना प्रभारी को “कॉप ऑफ द मंथ” से सम्मानित किया जाएगा।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण रखने तथा जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ शालीनता और संवेदनशीलता से व्यवहार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं श्री अनिल विश्वकर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, डीएसपी श्री प्रभात कुमार पटेल, उत्तम प्रताप सिंह, सिद्धांत तिवारी, सुशांतो बनर्जी, प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, आरआई अमित सिंह, डीएसबी प्रभारी निरीक्षक किशोर केरकेट्टा, एफएसएल अधिकारी डॉ. अनंत सिदार तथा जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।



