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कांकेर में निपुण भारत मिशन के तहत 24,542 बच्चों का अंतर संकुल FLN मूल्यांकन

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243 संकुलों में 24,542 विद्यार्थियों का आकलन, 1458 आकलनकर्ताओं ने संभाली जिम्मेदारी

बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता पर फोकस 24,542 बच्चों का गतिविधि आधारित मूल्यांकन

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कांकेर, 15 मार्च 2026।
जिले में प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए निपुण भारत मिशन के अंतर्गत व्यापक स्तर पर अंतर संकुल FLN (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) मूल्यांकन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के कक्षा 1 से 3 तक के कुल 24,542 छात्र-छात्राओं की पठन, लेखन एवं गणितीय दक्षताओं का गतिविधि आधारित तरीके से आकलन किया जा रहा है।
यह पूरी प्रक्रिया जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री निलेश कुमार क्षीरसागर तथा जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश कुमार मंडावी के निर्देशानुसार संचालित की जा रही है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद और जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) नवनीत कुमार पटेल के मार्गदर्शन में जिले भर में यह शैक्षणिक गतिविधि प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जा रही है।
जिले के कुल 243 संकुलों में यह मूल्यांकन कार्य आयोजित किया गया है। प्रत्येक संकुल में संकुल प्राचार्य सहित चार आकलनकर्ता, दो पीएलसी सदस्य तथा एक FLN मेंटर की टीम गठित की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 1458 आकलनकर्ताओं की सहभागिता से यह व्यापक मूल्यांकन अभियान संचालित हो रहा है।इस आकलन का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और गणित की मूलभूत क्षमताओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है, ताकि बच्चों के अधिगम स्तर को समझकर उन्हें बेहतर बनाने के लिए प्रभावी शैक्षणिक रणनीति तैयार की जा सके।
मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान आकलनकर्ता दल द्वारा विद्यालयों का भ्रमण कर विद्यार्थियों की पठन क्षमता, लेखन कौशल तथा संख्यात्मक समझ का परीक्षण किया जा रहा है। यह परीक्षण गतिविधि आधारित पद्धति से किया जा रहा है, जिससे बच्चों की वास्तविक दक्षताओं का आकलन सहज और प्रभावी ढंग से हो सके। प्राप्त आंकड़ों को निर्धारित प्रपत्रों में संकलित कर विद्यालयवार, संकुलवार और विकासखण्ड स्तर पर उनका विश्लेषण किया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से उन विद्यार्थियों की पहचान भी की जाएगी जिन्हें पढ़ने-लिखने या गणितीय समझ में अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष सुधारात्मक शिक्षण योजना तैयार की जाएगी, ताकि वे भी निपुण भारत मिशन के निर्धारित अधिगम लक्ष्यों तक पहुँच सकें।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के व्यापक और व्यवस्थित मूल्यांकन से विद्यार्थियों के वास्तविक अधिगम स्तर की स्पष्ट जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही शिक्षकों को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता है।
मूल्यांकन के आधार पर आगामी सत्र के लिए उत्कृष्टता आधारित कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। जिन विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर होगा, उनके सर्वोत्तम शिक्षण अभ्यासों को अन्य विद्यालयों में साझा किया जाएगा, ताकि पूरे जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।
इसके साथ ही FLN दक्षताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में दैनिक पठन अभियान, गणितीय खेल और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षकों के लिए निरंतर प्रशिक्षण, शैक्षणिक मार्गदर्शन और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि आगामी सत्र में विद्यार्थियों को केवल निपुणता तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें उत्कृष्ट स्तर तक पहुँचाने के लिए विशेष शैक्षणिक रणनीतियाँ लागू की जाएँ। इस पहल से न केवल प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव मजबूत होगी, बल्कि आगे की कक्षाओं में उनकी पढ़ाई भी अधिक प्रभावी और सफल बन सकेगी।
जिले में संचालित यह अभियान निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में जिले की शिक्षा गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकेगा।

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