मावा मोदोल कोचिंग संस्था में विद्यार्थियां को दिए सफलता के मूल मंत्र
उत्तर बस्तर कांकेर, 17 मार्च 2026/ केंद्रीय रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली के अधीन राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी) के 15 सदस्यीय अधिकारियों के दल ने आज जिले में संचालित रक्षा एवं अन्य गतिविधियों का अवलोकन किया। दल के सदस्यों ने जिले में माओवाद के उन्मूलन संबंधी अपनाई गई रणनीति और उनके आजीविकामूलक सृजनात्मक कार्यां की जानकारी ली। साथ ही जिला प्रशासन की अभिनव पहल मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्थान व सेंट्रल लाईब्रेरी का अवलोकन कर विद्यार्थियों को सफलता के मूल मंत्र दिए। तत्पश्चात जंगल वॉरफेयर कॉलेज में रक्षा एवं प्रतिरक्षा के प्रशिक्षण का लाइव डेमो देखा तथा बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के द्वारा उपयोग की जाने वाली डिफेंस एण्ड वार तकनीकी के संबंध में जानकारी ली।
राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन के अंतर्गत सेना, सिविल सेवा और मित्र देश के 15 अधिकारियों का दल आज जिला मुख्यालय पहुंचा जहां पर उन्होंने रक्षात्मक प्रणाली एवं युवा उत्थान आधारित गतिविधियों का अवलोकन किया। रक्षा अधिकारियों का दल सर्वप्रथम सिंगारभाट स्थित पुलिस मेस पहुंचा जहां पर कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कांकेर जिले की भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं सहित निर्माण कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी पीपीटी के माध्मय से दी। उन्होंने जिले के अंदरूनी इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया, मोबाइल कनेक्टिविटी एवं अन्य अधोसंरचनाओं के स्वीकृत एवं निर्माणाधान कार्यों से अवगत कराया। इसके अलावा जिले में जनजातियों की लघु वनोपज संग्रहण एवं उससे होने वाली आय के संबंध में बताया गया। साथ ही राज्य शासन द्वारा संचालित नियद नेल्लानार योजना के तहत चयनित अंदरूनी क्षेत्र में स्थित ग्रामों में विकास कार्यों से अवगत कराया। कलेक्टर ने जिला प्रशासन की अभिनव पहल मावा मोदोल और पूना पर्रियान के तहत क्रमशः युवाओ को दिए जा रहे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने हेतु कैरियर गाइडेंस तथा शारीरिक दक्षता के लिए दिए जा रहे ट्रेनिंग कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी, आत्मसमर्पित माओवादियों के लिए संचालित किए जा रहे आजीविकामूलक प्रशिक्षण जैसे ड्राइविंग, काष्ठ कला निर्माण, सिलाई, सहायक इलेक्ट्रिशियन, घुड़सवारी आदि के संबंध में रक्षा अध्ययन दल को जानकारी दी। इसी तरह एसपी श्री निखिल अशोक राखेचा ने जिले में माओवाद उन्मूलन के लिए बनाई गई रणनीति एवं पूना मारगेम (आत्मसमर्पित माओवादियों का मुख्यधारा में वापसी) के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया।
इसके पश्चात् अधिकारियों का दल सिंगारभाट स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र पहुंचकर वहां संचालित मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट, कड़कनाथ फार्म हैचिंग कार्य का भी अवलोकन किया। साथ ही स्वसहायता समूह की महिलाओं से भेंट कर मिलेट उत्पाद कोदो, कुटकी, रागी से तैयार होने वाले विभिन्न व्यंजनों एवं उनके लाभ के बारे में जानकारी ली। मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य ने बताया कि उनके समूह में हर्रा, महुआ से बनाने वाले व्यंजन तथा अचार, पापड़ बनाकर बिक्री करने के साथ आय के संबंध में जानकारी दी। दल के अधिकारियों ने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए आर्थिक रूप से सशक्त व सक्षम होने के लिए कहा।
’सफलता तभी मिलती है, जब सपने व इरादे मजबूत हों’
इसके पश्चात रक्षा अधिकारियों के दल ने नगर के पुराने कचहरी परिसर में संचालित मावा मोदोल निःशुल्क कोचिंग संस्था और सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन किया। इस दौरान विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी जिज्ञासा शांत की। एक विद्यार्थी के सवाल का जवाब देते हुए दल के अधिकारी श्री मोहम्मद शाहिद अहमद ने कहा कि सफलता तभी मिलती है, जब आपके सपने और इरादे मजबूत हो। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग देश सेवा और अनुशासन पर आधारित है। इसी तरह कैप्टन अजय चौधरी ने बताया कि असफलता ही सफलता का पहला सोपान है, एक सफल व्यक्ति कभी भी अपने लक्ष्य से विमुख नहीं होता। दल के सदस्यों ने सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन कर जिला प्रशासन द्वारा की गई पहल की सराहना की।
रक्षा एवं प्रतिरक्षा तकनीकी से अवगत हुआ दल
इसके उपरांत अधिकारियों का दल ग्राम सिंगारभाट स्थित जंगल वारफेयर कॉलेज पहुंचा, जहां पर संस्था के प्रमुख ब्रिगेडियर एस.के. लामा (सेवानिवृत्त) ने पीपीटी के माध्यम से कॉलेज की स्थापना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पुलिस एवं रक्षा के प्रशिक्षुओं को दिए जाने वाले 45 दिवसीय आधुनिक प्रशिक्षण एवं गुरिल्ला युद्ध तकनीक के पहलुओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। इसके अलावा दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और पहुंचविहीन क्षेत्रों में प्रतिरक्षा से संबंधित अभ्यासों प्रतिकूल परिस्थितियों में सुरक्षात्मक उपाय करने के संबंध में टीम के सदस्यों को अवगत कराया गया। इस दौरान जंगल वारफेयर कॉलेज में टीम के सदस्यों को फील्ड विजिट कराकर मौके पर वार एवं डिफेंस स्ट्रेटजी का लाइव डेमो भी कराया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मण्डावी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दिनेश सिन्हा, एसडीएम श्री अरूण वर्मा सहित पुलिस और जंगल वारफेयर कॉलेज के प्रशिक्षु जवान अधिकारी आदि मौजूद थे।




