बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – एक पिता के लिए बेटे का बिछड़ जाना जीवन का सबसे बड़ा दुःख होता है। समय बीत जाता है, लेकिन बेटे की यादें कभी नहीं मिटतीं। ऐसी ही भावनाओं को जनसेवा का रूप देते हुए अजय सिंह ने अपने दिवंगत पुत्र दिशांत सिंह (शिब्बू) की जयंती पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैरमगढ़ को एक एम्बुलेंस भेंट की।
जहां एक ओर परिवार अपने बेटे की यादों में भावुक था, वहीं दूसरी ओर यह संकल्प भी था कि दिशांत का नाम लोगों की मदद औरी जीवन बचाने के कार्यों से जुड़ा रहे। अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मरीजों को फल वितरित किए गए और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
अजय सिंह ने कहा कि बेटा आज भले ही उनके बीच नहीं है, लेकिन उसकी स्मृतियां हमेशा उनके साथ हैं। उन्होंने बताया कि “दिशांत संजीवनी सोसायटी” के पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है, जिसका उद्देश्य गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सेवा करना होगा। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को सहयोग प्रदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना ही उनके बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अस्पताल को मिली यह एम्बुलेंस अब किसी मरीज को समय पर उपचार तक पहुंचाएगी, किसी परिवार की उम्मीद बनेगी और किसी की जिंदगी बचाने का माध्यम बनेगी। यही सोच अजय सिंह को अपने बेटे की स्मृति में समाजसेवा के लिए प्रेरित कर रही है।
इस पुनीत कार्य में गोपाल मंडल, के. डी. रॉय, जागेश्वर देवांगन, भौमिक वर्मा, लव कुमार रायडू, रितेश चौहान, रितेश प्रजापति, जागेंद्र देवांगन, संजय सिंह, हितेश कपूर, कुमार सिंह चौहान सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
दिशांत आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी याद में शुरू हुई यह उच्च पहल आने वाले समय में अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन सकती है। बेटे के जन्मदिन पर पिता द्वारा किया गया यह कार्य केवल एक उपहार नहीं, बल्कि प्रेम, स्मृति और मानवता की एक ऐसी मिसाल है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।


