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जिले में 93 प्रतिशत बीज और 82 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण, अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त

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10 बीज विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी, खेती मित्र कृषि केंद्र मोहला की बीज अनुज्ञप्ति निरस्त
24 उर्वरक विक्रय केंद्रों में अनियमितता पर कारण बताओ नोटिस, दो केंद्रों पर बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई
मोहला 

खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर वितरण एवं गुणवत्ता नियंत्रण की कार्रवाई की जा रही है। जिले में अब तक उपलब्ध बीजों का 93 प्रतिशत तथा उर्वरकों का 82 प्रतिशत किसानों को वितरित किया जा चुका है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार शासन के नवीन निर्देशों के तहत अब किसानों को यूरिया एवं डीएपी की आवश्यक मात्रा एक ही बार में उपलब्ध कराई जा रही है। जिले की सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं उर्वरक उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गुणवत्ता बनाए रखने तथा कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान 10 बीज विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि खेती मित्र कृषि केंद्र, मोहला की बीज अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी गई। गुणवत्ता परीक्षण के लिए 61 बीज नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
इसके साथ ही 72 उर्वरक विक्रय केंद्रों के निरीक्षण में 24 केंद्रों में अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा दो केंद्रों पर बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई। उर्वरकों के 22 नमूने भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में चन्द्रा कृषि केंद्र, अंबागढ़ चौकी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कलेक्टर न्यायालय ने शासन के पक्ष में 31 हजार 740 रुपए राजसात करने के आदेश दिए। जब्त जैव उत्प्रेरक नियमानुसार संबंधित प्रतिष्ठान के सुपुर्द किया गया।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही बीज एवं उर्वरक खरीदें तथा अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने तथा पारदर्शी वितरण व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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