
मस्तूरी । स्वर्गीय रामानुज श्रीवास के वार्षिक श्राद्ध पर पुरानी बस्ती मस्तूरी में चल रही संगीत मय श्रीमद्भागवत कथा के पावन अवसर पर श्रद्धालु उस समय भाव-विभोर हो उठे, जब सीपत के कथा वाचक पंडित आलोक मिश्रा ने भगवान श्रीनृसिंह अवतार एवं परम भक्त प्रह्लाद की प्रेरणादायी कथा का ओजस्वी और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के साथ प्रस्तुत की गई भगवान श्रीनृसिंह के प्रकट होने तथा भक्त प्रह्लाद की जीवंत झांकी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
पंडित आलोक मिश्रा ने बताया कि जब अत्याचारी हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति से रोकने के लिए अनेक यातनाएँ दीं, तब भी प्रह्लाद का विश्वास तनिक भी नहीं डगमगाया। अंततः भक्त की पुकार पर भगवान श्रीनृसिंह खंभे से प्रकट हुए और हिरण्यकशिपु का संहार कर धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा, अटूट विश्वास और ईश्वर के प्रति समर्पण ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है।
कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीनृसिंह के प्रकट होने की झांकी मंच पर सजी, श्रद्धालु “नृसिंह भगवान की जय” और “भक्त प्रह्लाद की जय” के जयघोष से गूंज उठे। भक्ति रस से सराबोर वातावरण में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और अनेक भक्त भाव-विभोर होकर प्रभु का स्मरण करने लगे।
आरती साहू ने मन मोहा
श्रीमद् भागवत पुराण कथा के दौरान पंडित आलोक मिश्रा के साथ आई हुई सीपत के ग्राम गुड़ी की भजन गायिका आरती साहू ने अपनी सुरीली आवाज से सबका मन मोहते हुए उपस्थित भक्तगणों को भजन पर नृत्य करने को मजबूर किया उनकी सुरीली आवाज की लोगों ने खूब तारीफ कर बधाई दिए।
कार्यक्रम के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों में कृष्ण श्रीवास जानकी श्रीवास काशीराम श्रीवास विश्वनाथ श्रीवास शिवनाथ श्रीवास भोला नाथ श्रीवास ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा एवं जीवंत झांकी ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय पर गहरी आध्यात्मिक छाप छोड़ी।



