एमसीबी से भगवान दास की रिपोर्ट
गुरु की उपासना से मिलता है ईश्वर का सानिध्य : महंत ओम नारायण द्विवेदी
मनेन्द्रगढ़ । आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनेन्द्रगढ़ स्थित श्री राम मंदिर में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। मंदिर के महंत ओम नारायण द्विवेदी के सैकड़ों शिष्य एवं श्रद्धालु प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। दिनभर मंदिर परिसर गुरु वंदना, धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन, सत्संग एवं सामूहिक आरती से भक्तिमय बना रहा। इस दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा भी ग्रहण की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं हनुमान जी के विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ। इसके पश्चात शिष्यों ने अपने गुरु महंत ओम नारायण द्विवेदी का पुष्पमालाओं, अंगवस्त्र एवं चरण वंदना के साथ सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित विशेष गुरु आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
अपने आशीर्वचन में महंत ओम नारायण द्विवेदी ने कहा कि “गुरु की उपासना से ही ईश्वर का सानिध्य प्राप्त होता है। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और मनुष्य को धर्म, सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।” उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित और समाज को सशक्त बनाने की आधारशिला है।
उन्होंने उपस्थित शिष्यों से प्रेम, सद्भाव, सेवा और भारतीय संस्कारों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। शिष्यों ने सेवा भाव के साथ व्यवस्थाओं का संचालन कर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सेवा की। श्रद्धा, सेवा और सनातन परंपरा के प्रति समर्पण का यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय बन गया।



