सीएमओ के खिलाफ भाजपा-कांग्रेस के जनप्रतिनिधि एकजुट, सड़क पर भरे गड्ढे में बैठकर किया धरना प्रदर्शन
एमसीबी/खोगापानी । नगर पंचायत खोगापानी में अमृत जल मिशन के तहत चल रहे कार्यों के कारण जगह-जगह खोदी गई सड़कों और बरसात के चलते बने बड़े-बड़े गड्ढों में जलभराव से नगरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। नगर के मुख्य मार्ग पर सड़क की बदहाल स्थिति और गड्ढों में भरे पानी को लेकर शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। नगर पंचायत अध्यक्ष सहित भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने सड़क पर भरे पानी के बीच बैठकर धरना प्रदर्शन किया और नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों का कहना था कि नगर के सभी वार्डों में अमृत जल मिशन के कार्यों के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क पर तालाब है या तालाब में सड़क। इससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, कोयला खदान के कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है।
‘कई बार शिकायत की, लेकिन नहीं हुई सुनवाई’
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार सीएमओ से मिले तथा लिखित आवेदन भी दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना था कि सीएमओ किसी भी जनप्रतिनिधि की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। इसी नाराजगी के चलते सभी ने सड़क पर बने जलभराव वाले गड्ढे में बैठकर धरना शुरू कर दिया।
धरने में पक्ष-विपक्ष एक मंच पर
धरने में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ललिता यादव, भाजपा पार्षद इरशाद अहमद, सुरेश चौधरी, मुकेश कोल, जितेंद्र गुप्ता, कांग्रेस पार्षद कविता मधुकर, पूर्व एल्डरमैन पिंटू भास्कर, रामा यादव, जगदीश मधुकर तथा भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अनीश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर एकत्र हो गए।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
धरने के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सीएमओ मौके पर नहीं आएंगी, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। बाद में मनेंद्रगढ़ के तहसीलदार मौके पर पहुंचे और सड़क के गड्ढों को शीघ्र भरवाने तथा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
नगरवासियों का कहना है कि बरसात के दौरान नगर की जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।



