प्रमोद अवस्थी मस्तूरी
मस्तूरी। सरस्वती शिशु मंदिर मस्तूरी में शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मान एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न किया गया l
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिव कुमार कंवर अनुविभागीय अधिकारी (SDM)मस्तूरी तथा विशिष्ट अतिथि लखेश्वर किरण तहसीलदार मस्तूरी उपस्थित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता तामेश सिंह ठाकुर सरपंच प्रतिनिधि ग्राम पंचायत किरारी ने की l
कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों के रूप में देवेंद्र कृष्णन जनपद सदस्य मस्तूरी राघवेंद्र सिंह चंदेल अध्यक्ष सरस्वती बाल कल्याण समिति मस्तूरी
राजेंद्र सोनी उपाध्यक्ष दिनेश सराफ व्यवस्थापक
सरोज राठौर सहसचिव तथा बैसाखू प्रसाद सोनी संस्थापक सदस्य सहित समिति के सदस्यगण भागीरथी सिंह कृष्ण कुमार ननिर्णेजक भुनेश कुमार साहू श्रीमती पूर्णिमा साहू श्रीमती उर्मिला पटेल एवं अन्य विशेष आमंत्रित सदस्य श्रीमती मंगला गौरी सोनी श्रीमती राधिका गुप्ता आदि उपस्थित रहे l
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया इसके बाद विद्यालय के भैया बहनों द्वारा वंदना/स्वागत व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया l
इसके पश्चात अतिथियों ने शिक्षक दिवस की महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों को राष्ट्र एवं समाज निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया अतिथियों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं संस्कारयुक्त गतिविधियों की सराहना की तथा भैया बहनों को अनुशासन संस्कार एवं परिश्रम के साथ आगे बढ़ाने को प्रेरित किया l
समारोह के दौरान विद्यालय के भैया बहनों और समिति सदस्यों द्वारा आचार्य परिवार को उपहार प्रदान कर सम्मानित गया l
इस अवसर पर विद्यालय में उत्साह और आत्मीयता का वातावरण रहा l
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन कक्षा द्वादश के भैया आर्यन बेन द्वारा किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार पाण्डेय सहित सभी आचार्यगण और अन्य अभ्यागत उपस्थित रहे जिनके कारण शिक्षक दिवस समारोह गरिमा मय वातावरण में संपन्न हुआ
समिति सरस्वती बाल कल्याण समिति के माननीय अध्यक्ष श्री राघवेंद्र सिंह चंदेल द्वारा पांचवी आठवीं 10वीं 12वीं के टॉप मोस्ट 9/10 विद्यार्थियों को नगद राशि से सम्मानित किया गया तथा सभी शिक्षक बृंद को भी उपहार स्वरूप नगद राशि भेंट की गई उनके इस प्रोत्साहन और शिक्षक सम्मान की भावना को सभी लोगों ने सराहते हुए उनके बताए गए निर्देशों का परिपालन करने का विश्वास भी दिलाया l
कार्यक्रम का समापन सर्वे भवंतु सुखिन: ………मंत्र के साथ किया गया।



