खेल से सेवा तक—युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहे आरक्षक भावेश कुमार सलाम।
“खाकी के सितारे अभियान” के माध्यम से कांकेर पुलिस द्वारा ऐसे पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धियों और प्रेरणादायी कार्यों को सामने लाया जा रहा है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों के साथ-साथ खेल,समाजसेवा,शिक्षा,कला-संस्कृति, जनसेवा, नवाचार अथवा अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर अपनी अलग पहचान बनाई है।
19 मई 1999 को ग्राम मर्दापोटी में जन्मे भावेश कुमार सलाम ने खेल के प्रति अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (B.P.Ed.) की शिक्षा दुर्ग से प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने खेल क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS), पटियाला से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
आरक्षक भावेश कुमार सलाम, बैच क्रमांक 2003, पुलिस पीटीआई, पुलिस लाइन कांकेर ने अपनी मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास से मैराथन के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने खेल के प्रति अपनी रुचि को जारी रखा और अब अपने अनुभव का उपयोग बस्तर के ग्रामीण एवं अंदरूनी क्षेत्रों के युवाओं को पुलिस भर्ती एवं शारीरिक दक्षता की तैयारी कराने में कर रहे हैं।
2017 से शुरू हुआ मैराथन का सफर :-
• भावेश ने वर्ष 2017 में मैराथन दौड़ की शुरुआत की। लगातार मेहनत और अभ्यास के बाद वर्ष 2019 से उन्हें प्रतियोगिताओं में सफलता मिलनी शुरू हुई।
• वर्ष 2019 में खेल विभाग द्वारा आयोजित 10 किलोमीटर ब्लॉक स्तरीय मैराथन में उन्होंने पहली बार हिस्सा लिया। इसी वर्ष 21 किलोमीटर जिला स्तरीय मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
• इसी वर्ष बस्तर विश्वविद्यालय, जगदलपुर की ओर से उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित 42 किलोमीटर मैराथन में भाग लिया। उनके शानदार प्रदर्शन के चलते छत्तीसगढ़ ने छठवां स्थान प्राप्त किया और पहली बार टॉप-10 में जगह बनाई।
राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक :-
• भावेश ने अपनी सफलता का सिलसिला आगे भी जारी रखा। 17वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता चैंपियनशिप 2020 में द्वितीय स्थान तथा 18वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता चैंपियनशिप 2021 में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
• राज्य स्तरीय ओपन 10 किलोमीटर क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ। इसके बाद 26 मार्च 2022 को नागालैंड में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया, जहां विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
• इसके अलावा उन्होंने राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग, बस्तर, धमतरी और बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर आयोजित अनेक मैराथन प्रतियोगिताओं में भाग लिया।।
पुलिस सेवा के साथ खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन :-
• पुलिस विभाग में भर्ती होने के बाद भी भावेश ने अपने खेल और अभ्यास को जारी रखा। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से पश्चिम बंगाल में आयोजित पुलिस गेम नेशनल में भी हिस्सा लिया।
• वर्ष 2024 में जगदलपुर में आयोजित रेंज स्तरीय अंतर-जिला पुलिस खेल प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर दोनों स्पर्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
युवाओं के लिए बने मार्गदर्शक :-
पुलिस लाइन कांकेर में पदस्थापना के दौरान भावेश कुमार सलाम द्वारा ग्रामीण एवं अंदरूनी क्षेत्रों के युवाओं को खेल एवं पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।“ *गोटूल स्पोर्ट्स अकादमी”* के माध्यम से युवाओं को दौड़, फिटनेस एवं शारीरिक दक्षता का प्रशिक्षण।अब तक प्रशिक्षण *प्राप्त 35 युवाओं का पुलिस विभाग* में चयन हों चुका है।
हालिया उपलब्धियां
बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 – प्रथम स्थान एवं ₹1 लाख पुरस्कार राशि।
छत्तीसगढ़ ओपन मैराथन – धमतरी, रायपुर एवं बीजापुर में 10 किमी स्पर्धा में द्वितीय स्थान।
कांकेर राज्य स्तरीय मैराथन 10 किमी – द्वितीय स्थान एवं ₹5,000 पुरस्कार।
किरंदुल, दंतेवाड़ा राज्य स्तरीय ओपन मैराथन – तृतीय स्थान एवं ₹8,000 पुरस्कार।
गोंदिया, महाराष्ट्र राष्ट्रीय स्तर 21 किमी मैराथन – 12वां स्थान।
अबूझमाड़ मैराथन 21 किमी – 7वां स्थान।
“ मिशन रक्षक” अभियान से युवाओं को दे रहे नई दिशा :–
कांकेर पुलिस के “ मिशन रक्षक” अभियान के माध्यम से आरक्षक भावेश कुमार सलाम अब अधिक से अधिक युवाओं को पुलिस एवं विभिन्न सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य बस्तर के ग्रामीण एवं अंदरूनी क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं अवसर उपलब्ध कराना है।
भावेश की दौड़ अब सिर्फ पदक जीतने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए है।
कांकेर पुलिस द्वारा “ खाकी के सितारेअभियान ” के तहत प्रतिमाह ऐसे कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रेरणादायी कहानियां सामने लाई जाएंगी, जिन्होंने अपनी सेवा एवं प्रतिभा से पुलिस विभाग का गौरव बढ़ाया है।



