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मस्तूरी के बूढ़ीखार स्कूल में जनभागीदारी बनी मिसाल, प्राचार्य व ग्रामीणों की पहल को मिलेगा विशेष सम्मान

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प्रमोद अवस्थी मस्तूरी

मस्तूरी। शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी की मिसाल पेश करने वाले मस्तूरी विकासखंड के ग्राम बूढ़ीखार स्थित शासकीय स्कूल के प्राचार्य काशी राम रजक एवं ग्रामीणों की पहल को अब विशेष सम्मान मिलेगा। कलेक्टर ने जनभागीदारी से विद्यालयों में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को सम्मानित करने की घोषणा की है। इस दौरान उन्होंने बूढ़ीखार स्कूल की पहल का विशेष उल्लेख करते हुए इसे अनुकरणीय बताया।

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बूढ़ीखार के ग्रामीणों ने केवल शासन की योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय आपसी सहयोग और जनभागीदारी की भावना से अपने शासकीय स्कूल के विकास की जिम्मेदारी उठाई। ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय में अतिरिक्त भवन का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही स्कूल परिसर को भी आकर्षक एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए गए। ग्रामीणों की इस पहल से विद्यालय का वातावरण बेहतर हुआ है और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सुविधाजनक माहौल मिल रहा है।

कलेक्टर ने कहा कि जब समाज और प्रशासन मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हैं, तो उसका सीधा लाभ बच्चों को मिलता है। जिले में इसी जनभागीदारी की भावना के चलते अब तक विभिन्न दानदाताओं, भामाशाहों एवं सहयोगकर्ताओं के माध्यम से शासकीय स्कूलों को 700 से अधिक स्मार्ट टीवी दान में प्राप्त हो चुके हैं। इन संसाधनों से सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा मिल रहा है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सेवा सेतु अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में ऐसे सहयोगकर्ताओं, प्राचार्यों एवं प्रेरक ग्रामीणों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए। बूढ़ीखार स्कूल की पहल को विशेष रूप से रेखांकित किए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह है। यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है कि सामूहिक प्रयासों से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली जा सकती है।

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