Rahul Dravid reduced his bonus from Rs 5 crore to Rs 2.5 crore for T20 World Cup, read why the former coach took this decision
बीसीसीआई के एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, ‘राहुल अपने सहयोगी स्टाफ (गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे, फील्डिंग कोच टी दिलीप और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर) के समान बोनस राशि (2.5 करोड़ रुपये) चाहते थे। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं।’ बीसीसीआई ने विजेता टीम को 125 करोड़ रुपये इनाम के तौर पर दिए थे। बोर्ड द्वारा तैयार किए गए वितरण फॉर्मूले के अनुसार, भारत की विजेता टीम के 15 सदस्य में से प्रत्येक को और द्रविड़ को 125 करोड़ पुरस्कार राशि में से पांच करोड़ रुपये मिलने थे। सहयोगी स्टाफ को 2.5 करोड़ रुपये, जबकि चयनकर्ताओं और रिजर्व टीम के सदस्यों में से प्रत्येक को एक करोड़ रुपये मिलते। हालांकि, रोहित ने पांच में से 2.5 करोड़ रुपये को लेने को मना कर दिया और बाकी सहयोगी स्टाफ की तरह 2.5 करोड़ रुपये ही स्वीकार किए।
यह पहली बार नहीं है जब द्रविड़ ने पुरस्कार बोनस में कटौती की। इससे पहले 2018 में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने के बाद भी उन्होंने ऐसा किया था। तब द्रविड़ अंडर-19 टीम के मुख्य कोच थे। जब यह फैसला किया गया कि द्रविड़ को उनके कद के लिए 50 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि सहयोगी स्टाफ के अन्य सदस्यों को 20-20 लाख और खिलाड़ियों को 30-30 लाख रुपये मिलेंगे, तो उन्होंने इस फॉर्मूले को मानने से मना कर दिया था। द्रविड़ चाहते थे कि बीसीसीआई सभी को समान पुरस्कार दे। इसके बाद द्रविड़ समेत कोचिंग स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 25 लाख रुपये दिए गए थे। इस तरह के गुणों के लिए और द्रविड़ ने अपने कार्यकाल में लगातार निरंतरता बनाए रखा। उनके बाकी कोचिंग स्टाफ के साथ दोस्ती शानदार रही थी।
द्रविड़ की ‘जेंटलमैन’ सोच
द्रविड़ ने हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई से अपनी इनामी राशि 5 से घटाकर ढाई करोड़ रुपये करने का आग्रह किया क्योंकि वो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग कोच की तुलना में ज्यादा रुपये नहीं पाना चाहते थे। राहुल द्रविड़ का मानना है कि सभी कोचों को समान राशि मिलनी चाहिए।
रिपोर्ट में बीसीसीआई के सूत्र का हवाला देते हुए बताया गया, ”राहुल द्रविड़ अपने शेष स्टाफ की तरह बराबर बोनस लेना चाहते हैं। हम उनकी भावनाओं की कद्र करते हैं।”
द्रविड़ ने दूसरी बार उठाया ऐसा कदम
वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब राहुल द्रविड़ ने बोनस को सभी कोच में बराबर बांटने की मांग की हो। इससे पहले 2018 में जब भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्व कप खिताब जीता था, तब राहुल द्रविड़ ही हेड कोच की भूमिका निभा रहे थे। द्रविड़ को 50 लाख रुपये मिलने थे, जबकि सपोर्ट स्टाफ को 20 लाख रुपये बोनस के रूप में दिए जाने थे।
राहुल द्रविड़ ने तब भी बोनस स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने तब यही मांग रखी थी कि सभी कोचों को बराबर बोनस दिया जाए। बीसीसीआई ने तब अपना फैसला बदला और द्रविड़ सहित सभी कोचों को 25 लाख रुपये बोनस दिया। तब खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये बोनस में मिले थे।
द्रविड़ की हो रही तारीफ
राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद जो कदम उठाया, उसके बाद से क्रिकेट जगत में उनकी जमकर तारीफ हो रही है। अपने खेलने वाले दिनों के समान ही द्रविड़ ने एक बार फिर अपनी टीम को आगे रखा और इस बात के लिए पूर्व हेड कोच की जमकर सराहना हो रही है।
नवंबर 2021 में हेड कोच बने थे द्रविड़
राहुल द्रविड़ को नवंबर 2021 में भारत का हेड कोच बनाया गया, तब टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप में टीम ने फिर सेमीफाइनल खेला। 2023 में वनडे वर्ल्ड कप के बाद द्रविड़ का कार्यकाल खत्म हो गया था, लेकिन टीम इंडिया के फाइनल में पहुंचने के कारण उनका कार्यकाल टी-20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया गया था। फिर द्रविड़ ने भारत को टी-20 में वर्ल्ड चैंपियन बना दिया। 29 जून को भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 रन से हराते हुए टी-20 वर्ल्ड कप जीता।
द्रविड़ की कोचिंग में टीम इंडिया 2023 में एशिया कप भी जीत चुकी है। भारत ने मेजबान श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था।
दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीता भारत
टीम इंडिया ने 29 जून को टी-20 वर्ल्ड कप जीता। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में 17 साल बाद चैंपियन बनी है। इससे पहले 2007 में बनी थी। इतना ही नहीं, भारत ने 11 साल के ICC ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया है। बारबाडोस के मैदान पर भारत ने फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 7 रन से हराया।



