Principal Secretary and MNREGA Commissioner conducted an intensive tour to get acquainted with the ground reality of the schemes of Panchayat and Rural Development Department
लाख उत्पादन, लखपति दीदी और अमृत सरोवर योजना की कार्य प्रगति की सराहना की
नियद नेल्लानार योजनांतर्गत अधिकारियों की बैठक भी ली
उत्तर बस्तर कांकेर, 10 नवंबर 2024/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव
श्रीमती निहारिका बारिक सिंह और मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल ने जिले में चल रहे विभागीय कार्यों और गतिविधियों का अवलोकन और निरीक्षण करने के उद्देश्य से शुक्रवार 08 नवंबर को विभिन्न ग्रामों व स्थलों का दौरा किया, साथ ही हितग्राहियों से बातचीत भी की। इसके अलावा बस्तर संभाग में राज्य शासन द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत अधिकारियों की बैठक लेकर अब तक किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
अधिकारी द्वय शुक्रवार की सुबह सबसे पहले जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम कसावाही पहुंचे, जहां पर उन्होंने मनरेगा के तहत निर्मित निजी डबरी का अवलोकन किया, साथ ही स्वसहायता समूह की महिलाओं और लखपति दीदियों से चर्चा कर उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम जैसाकर्रा और भानुप्रतापपुर के ग्राम परवी का दौरा किया, जहां समूह की महिलाओं के द्वारा लाख उत्पादन के बारे में भी बातचीत कर तत्संबंध में जानकारी ली। साथ ही केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना अंतर्गत तालाब गहरीकरण और इसके पश्चात भूजल स्तर में हुई वृद्धि के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की। इसी तरह ग्राम चावड़ी और परवी में भी जाकर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में वस्तुस्थिति से अवगत हुए। इस दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), लखपति दीदी कार्यक्रम और उच्च प्रभाव मेगा जलसंधारण परियोजना के आसपास हो रहे कार्यों और प्रधानमंत्री आवास योजना तथा ग्रामीण विकास हेतु सभी योजनाओं ने मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी अधिकारियों ने ली। इसी तरह स्वसहायता समूह की दीदियों ने विस्तार से विकास कार्यों और उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन के बारे में अधिकारियों के समक्ष अपना अनुभव साझा किया। ग्राम जैसाकर्रा, चावड़ी और परवी में लाख उत्पादन तथा अन्य योजनाओ दीदियों ने अपने जीवन में हुए सामाजिक और आर्थिक बदलावों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह सब सामूहिक प्रयासों से ही संभव हुआ। विशेष रूप से उन्होंने ग्राम पंचायत के साथ सहयोग करके प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन आधारित योजना और क्रियान्वयन, आजीविका सृजन और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में जो पहल की है, उनका उल्लेख मनरेगा और बिहान के कार्यों व सहयोगी संस्था ‘प्रदान’ पर चर्चा की गई । अधिकारियों ने समग्र विकास के तहत सामूहिक प्रयासों के योगदान की सराहना की। साथ ही ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे मुर्गीपालन, मछलीपालन, मनरेगा, बिहान और लखपति दीदी के संदर्भ में भी अधिकारियों ने प्रशंसा की।
इसके बाद प्रमुख सचिव और मनरेगा आयुक्त ने विकासखंड मुख्यालय अंतागढ़ में नियद नेल्लानार योजना के तहत अब भी किए गए विभागीय कार्यों व गतिविधियों तथा अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने संबंधित विभागों के जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी सहित जिला व जनपद पंचायत कांकेर, चारामा, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, कोयलीबेड़ा के अधिकारी-कर्मचारी सहित सहयोगी संस्था व एनजीओ की टीम शामिल रही।





