बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – जिला मुख्यालय बीजापुर में सोमवार को तेंदूपत्ता संग्राहकों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर विधायक विक्रम मंडावी को अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संग्राहकों ने आरोप लगाया कि पूर्व में उन्हें तेंदूपत्ता संग्रहण के अलावा अन्य संबंधित कार्यों के लिए अलग-अलग राशि दी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन सभी राशि में भारी कटौती कर दी है जिससे उनके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में संग्राहकों ने प्रमुख रूप से प्रति मानक बोरा 7000/- रुपए भुगतान, फड़ सफ़ाई के लिए 7500/- रुपए, जमीन टैक्स 700/- रुपए, और विभिन्न कार्यों जैसे लाइनिंग, झटकाई, चक्री, बोरा भर्ती आदि के लिए पुरानी दरों की पुनः बहाली की मांग की है। इसके अलावा दुर्घटना में सहायता राशि 3 लाख और मृत्यु पर 5 लाख रुपए मुआवजा देने, तेंदूपत्ता का नगद भुगतान करने और प्रत्येक फड़ में वाचर की नियुक्ति जैसे अहम मांगें भी शामिल हैं।
विधायक विक्रम मंडावी ने इस अवसर पर कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की मांगें पूरी तरह से जायज़ हैं और भाजपा सरकार इनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में यदि संग्राहकों को उनके श्रम का वाजिब लाभ नहीं मिलेगा तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। सरकार को जल्द से जल्द इन मांगों पर अमल करना चाहिए ताकि हितग्राहियों को आर्थिक रूप से राहत मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नरगो वेंडज़ा, मंगरू उद्दे, कोरके वाचम, नगाडू यादव, गणेश पोयाम, बुधराम कोवासी, लखमू पोयाम, मुन्ना वेंड्ज़ा, पोधाय लेकाम, बिछेम कुडियम, पोरिया कुरसम, मोहन मिच्चा, भीमा राम मुचाकी, बुधु वेंडजा, सन्नू मज्जी, महेश कुरसम, पाण्डु राम मिच्चा, राजू राम वेंड्ज़ा, ब्रिज सेठिया, गुट्टा कुरसम, लच्छू कुंजाम, अखिल माडवी, राजेश कुमार तेलाम, रमेश ताती, सुखराम तामो और सुरेश वाचम सहित बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक मौजूद रहे।



