बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार शुरू हुए सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज बीजापुर जिले के नैमेड़ और कुटरू सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविरों का आयोजन हुआ। इन शिविरों में हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत कीं।
ग्राम पंचायत नैमेड़ व कुटरू में आयोजित शिविरों में आसपास के दर्जनों गांवों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। वहीं, नगरपालिका बीजापुर के वार्डों में आयोजित समाधान शिविर में भी शहरी नागरिकों की भागीदारी उत्साहजनक रही। कलेक्टर संबित मिश्रा ने सभी शिविरों का निरीक्षण कर मौके पर ही त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
शिविरों में विभागीय योजनाओं की जानकारी स्थानीय गोंडी बोली में दी गई, जिससे अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी योजनाओं की सही जानकारी और पात्रता की समझ मिल सकी। समाधान पेटी में प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण किया गया।
समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण प्रदान किए गए। साथ ही कृषि, राजस्व, उद्यानिकी, आयुष्मान, राशन, जाति प्रमाण पत्र, श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
नैमेड़ सेक्टर में कुल 889 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें सभी 889 का निराकरण किया गया।
कुटरू सेक्टर में 953 में से 892 आवेदन निराकृत हुए, शेष 60 पर कार्यवाही जारी है।
नगरपालिका बीजापुर में 42 में से 4 आवेदनों का निराकरण हुआ, शेष 38 पर प्रक्रिया जारी है।
समाधान शिविरों ने शासन और जनता के बीच संवाद की मजबूत कड़ी बनाते हुए शासन की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में सफलता पाई है।



