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महिला आयोग की अध्यक्ष ने की 16 प्रकरणों की सुनवाई

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The chairperson of the Women’s Commission heard 16 cases

दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी का रिश्ता जुड़ा

Ro.No - 13672/156

उभय पक्ष के बीच आपसी राजीनामा से होगा तलाक, आयोग की समझाईश पर पत्नी को देगा *3 एकड़ जमीन, 2.50 लाख रूपए

उत्तर बस्तर कांकेर, 23 जून 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्यगण श्रीमती दीपिका शोरी श्रीमती ओजस्वी मंडावी, श्रीमती सरला कोसरिया एवं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने आज कलेक्टोरेट कांकेर के सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर पर 330 वीं एवं कांकेर जिला में आज 5 वीं सुनवाई हुई। जिले में आयोजित जन सुनवाई में 16 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।
आज सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका पूर्व में जनपद सदस्य नरहरपुर ब्लॉक से थी। आवेदिका के जनपद क्षेत्र में आवेदिका के प्रयास से स्वीकृत कार्यों को लेकर अनावेदक क. 03 ने आवेदिका के खिलाफ कईबार समाचार पत्रों में भ्रष्टाचार की शिकायतें छापी थी जिससे आवेदिका की छवि धूमिल हुई। दोनों पक्षों को विस्तार से सुना गया और उनके दस्तावेज भी देखे गये जिससे अना. 03 अपनी बातों को प्रमाणित करने में असफल रहा। अनावेदक को समझाईश दी गई कि वह आवेदिका के खिलाफ तथ्यहीन समाचारों का प्रकाशन न करें, अन्यथा आवेदिका उसके खिलाफ मानहानि का दीवानी और आपराधिक अपराध दर्ज करा सकेगी। इस पर अनावेदक क्र. 03 ने आयोग के समक्ष आवेदिका से सार्वजानिक रूप से माफी मांगी और भविष्य में आवेदिका के खिलाफ किसी भी तरह की अनर्गल टिप्पणी नहीं करने की बात स्वीकारी। आयोग की समझाईश पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में आवेदिका के पति की मृत्यु आगजनी में हुई थी जिसके बाद वह अपने 02 बच्चों के पालन पोषण व जीवन यापन के लिये संघर्षरत है। बताया गया कि बेटे की मृत्यु के बाद उभय पक्षों के रिश्तों में खटास आ गयी है। आयोग के द्वारा समझाईश दिये जाने पर उभय पक्ष सुलहनामे के लिये तैयार हुए। अनावेदक पक्ष आवेदिका को उसके जीवन यापन और रोजगार के लिये उसके पति का सामान और राशि आदि देने के लिये तैयार है। पर कितनी राशि या सामान दिया जाएगा, यह तय इस पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास एवं अंतिम सुलहनामा हेतु रायपुर महिला आयोग में दिनांक 15 जुलाई 2025 को बुलाया गया।
अन्य प्रकरण में अनावेदक क्र. 01 ने बच्चा नहीं होने के कारण अपनी पत्नी को छोड़ रखा है, उसने अनावेदिका 02 को अवैध रूप से अपने साथ रखा है। अनावेदक 01 ने अपनी पहली पत्नी जो कि आवेदिका है, से तलाक लिये बगैर अवैध रूप से संतान पाने का प्रयास किया है, जिसके आधार पर उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। इस स्तर पर आयोग के सभी सदस्यों की समझाईश पर आनावेदक क. 01 ने आवेदिका को 03 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा और 01 स्कूटी देने की जानकारी दी। आयोग की समझाईश पर अनावेदक क. 01 आवेदिका को एकमुश्त भरण-पोषण के लिये ढाई लाख देने को तैयार हुआ है। इस हेतु उभय पक्ष के बीच सुलहनामा तैयार कराया जायेगा। उस सुलहनामा के आधार पर दोनों पक्ष आपसी राजीनामा से तलाक ले लेंगे। जिस हेतु आयोग की प्रभारी एवं सहप्रभारी सदस्य सुलहनामा कराएंगे और उस दिन अना. 01 सवा लाख रूपये, खेत का पट्टा व अन्य दस्तावेज आवेदिका को देगा। प्रकरण आगामी सुनवाई के लिये रखा गया।
अन्य प्रकरण में उभय पक्ष को सुना गया। आवेदिका की 11 साल की एक बेटी है, जो अना. क. 01 और 02 के साथ रहती है और वह उन्हीं के साथ रहना चाहती है। अपनी माँ के साथ नहीं रहना चाहती। उभय पक्षों के मध्य कुटुम्ब न्यायालय में प्रकरण चल रहा है और आवेदिका का मामला दोबारा आयोग में सुना जाना संभव नहीं है। अतः प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया ।
अन्य प्रकरण में उभय पक्ष को समझाइश दी गई कि आवेदिका अपनी शिकायत वापस लेना चाहती है और अनावेदकगणों से सुलह करना चाहती है। अनावेदकगण भी आवेदिका को आज यही से साथ ले जाना चाहते है। उभय पक्ष को विस्तृत समझाईश दी गई और अपने पुराने गिले-शिकवे समाप्त किये। आवेदिका ने भी अपनी गलती स्वीकार की और दोनों परिवारों में रिश्ते को जोड़ने के लिये पहल दिखाई। इस स्तर पर आवेदिका का प्रकरण इस निर्देश के साथ नस्तीबद्ध किया गया।

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