बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला -जिले के प्राइवेट संचालित कांती प्ले स्कूल में बच्चों के साथ कथित शारीरिक प्रताड़ना की घटना सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग सतर्क हो गए हैं। बाल संरक्षण अधिकारी राहुल कौशिक द्वारा की गई प्राथमिक जांच में बाल संरक्षण अधिनियम, 2015 की धारा 75 और 30(xii) के उल्लंघन के प्रमाण मिले हैं। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) राजकुमार कटौती को जांच सौंपी गई है। डीईओ कार्यालय ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। डीईओ कटौती ने स्पष्ट किया कि यदि उत्तर असंतोषजनक पाया गया या अनियमितताएं सिद्ध हुईं, तो स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है। जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल अब एक निजी मकान में संचालित हो रहा है, जिसकी जानकारी विभाग को नहीं थी — जो नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ विभागीय निगरानी की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है। एक पूर्व छात्रा की पालक सुनीता मिंज ने भी मारपीट की पुष्टि की है और बताया कि डर के चलते उन्होंने बच्चे का नामांकन रद्द करवा दिया।
हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपों पर लिखित स्पष्ट अपना जवाब नहीं दिया है, लेकिन बाल अधिकारों का हनन और अभिभावकों की शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
स्कूल के लिए मुश्किलें बड़ी नियमों को ताक में रखना बना गले का कांटा पालकों की शिकायतों व मीडिया के खबरों के बाद आया शिक्षा विभाग हरकत में , स्पष्ट शब्दों में शिक्षा विभाग की नियमों के विपरीत पाएं जाने पर होगी कार्रवाई अधिकारी।



