बीजापुर@बीजापुर जिले में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण के मामले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा गठित 6 सदस्यीय जांच कमेटी ने रविवार को बीजापुर पहुँचकर प्रभावित मरीजों के परिजनों व डॉक्टरों से मुलाकात की तथा जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक की।
जांच दल की संयोजक व भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने बताया कि मरीजों को 23 नवंबर को जिला अस्पताल लाया गया और 24 नवंबर को उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन पूरी प्रक्रिया में परिजनों को न तो कोई सूचना दी गई और न ही अब तक मरीजों से मिलने दिया जा रहा है। उन्होंने इसे “घोर अनियमितता और लापरवाही” बताया। मंडावी ने कहा कि पोस्ट-ऑपरेशन के बाद मरीजों की उचित देखभाल नहीं की गई, जिसके चलते 9 मरीज गंभीर संक्रमण का शिकार हुए और सभी को तत्काल रायपुर रेफर करना पड़ा। वहीं उन्होंने भाजपा सरकार पर आदिवासियों की उपेक्षा करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भी घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और सरकार ने इसे छिपाने की कोशिश की। मंडावी ने कहा, इतनी बड़ी घटना हो जाती है और प्रशासन से लेकर सरकार तक किसी को फर्क नहीं पड़ता। आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें पूर्व विधायक चंदन कश्यप, पीसीसी महामंत्री व जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर, प्रवक्ता ज्योति कुमार, जिला पंचायत सदस्य लच्छूराम मौर्य, मीडिया प्रभारी राजेश जैन, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष उसूर मनोज अवलम, नगर अध्यक्ष पुरुषोत्तम खत्री, पूर्व नगर उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।
कांग्रेस जांच दल ने मरीजों से परिजनों की मुलाकात रोकने, ऑपरेशन प्रक्रिया की निगरानी में लापरवाही, और पूरे प्रकरण को दबाने के आरोप लगाते हुए राज्य सरकार से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।



