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10 लाख रुपये की जबरन वसूली के लिए व्यापारी से मारपीट, जान से मारने की धमकी; चिन्हांकित गुंडा आरोपी कपिल सोलंकी सहित मनीष परियानी, गिरीश मखीजा भेजे गए जेल

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उधारी की रकम वसूलने घर में घुसे तीन बदमाश गिरफ्तार
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
रायगढ़। जिले में गुंडागर्दी, अवैध वसूली और आम नागरिकों को भयभीत करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने उधारी रकम की जबरन वसूली के लिए एक कारोबारी के घर में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में थाना कोतवाली का चिन्हांकित गुंडा बदमाश कपिल सोलंकी, उसके सहयोगी मनीष परियानी और गिरीश माखीजा शामिल हैं।
तीन साल पुराने उधार को लेकर बनाया दबाव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आशीर्वाद पूरम कॉलोनी निवासी कमलेश सिंह (52 वर्ष) ने 13 जून 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे कोयला ट्रांसपोर्टिंग का कार्य करते हैं तथा कुडेकेला निवासी एक व्यक्ति का लगभग 7 लाख रुपये भुगतान आर्थिक परिस्थितियों के कारण पिछले तीन वर्षों से नहीं कर पाए थे।
पीड़ित के अनुसार 11 जून 2026 की दोपहर कपिल सोलंकी अपने दो साथियों के साथ उनके घर पहुंचा। आरोपियों ने घर में जबरन प्रवेश कर पहले डराया-धमकाया और फिर कथित रूप से कहा कि यदि रकम नहीं लौटाई गई तो उनकी हत्या करवा दी जाएगी।
10 लाख रुपये की मांग, डंडे और मुक्कों से हमला
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने मूल रकम से अधिक 10 लाख रुपये की मांग की और दबाव बनाने के लिए पीड़ित के साथ हाथ-मुक्कों तथा लकड़ी के डंडे से मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
एसएसपी के संज्ञान में आते ही शुरू हुई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 315/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), 115(2), 331(1) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने घटना की जानकारी मिलते ही आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुले राज
कोतवाली पुलिस ने लगातार दबिश देकर पहले मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने घटना में अपने साथियों गिरीश माखीजा और मनीष परियानी की भूमिका स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने अपराध करना स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी वर्ष 2014 से विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, बलवा और मारपीट सहित कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
वहीं मनीष परियानी पर लूट, प्रताड़ना, मारपीट, आबकारी एक्ट और जुआ एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
तीसरे आरोपी गिरीश माखीजा पर जुआ, सट्टा और मारपीट के कई प्रकरण दर्ज हैं तथा उसे गुंडा सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी का सख्त संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिले में गुंडागर्दी, अवैध वसूली और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को आम नागरिकों में भय का वातावरण बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी
कपिल सोलंकी (36 वर्ष), गुजरातीपारा, थाना कोतवाली, रायगढ़
मनीष परियानी (34 वर्ष), सिंधी कॉलोनी पक्की खोली, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़
गिरीश माखीजा (38 वर्ष), सिंधी कॉलोनी पक्की खोली, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़
“गुंडागर्दी नहीं होगी बर्दाश्त”
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा— “आम नागरिकों को धमकाकर वसूली करने वालों और कानून हाथ में लेने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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