बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद बीजापुर ने बस्तर संभागीय कमेटी के निर्णय के अनुरूप 9 सूत्रीय मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से एसडीएम बीजापुर को सौंपा गया। सीपीआई नेता कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में कार्यकर्ता रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में आदिवासी क्षेत्रों में पेसा कानून, वनाधिकार कानून और पंचायत राज अधिनियम का पालन सुनिश्चित करते हुए विकास करने की मांग की गई है।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन में मनरेगा का बजट बढ़ाकर 200 दिन का रोजगार गारंटी देने, भोपालपटनम क्षेत्र के ग्राम कुचनूर स्थित कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति पर रोक लगाने और ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य करने, योजनाओं के नाम पर वनों की कटाई पर रोक लगाने, तृतीय व चतुर्थ वर्ग की भर्तियों में स्थानीय युवाओं को 100% प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
इसके अलावा खनिज सर्वेक्षण के नाम पर ग्रामीणों को परेशान करना बंद करने, निजी एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा खनिज दोहन पर रोक लगाने तथा NMDC द्वारा स्थापित नगरनार स्टील प्लांट सहित सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग शामिल है।
साथ ही 2005 से पूर्व वन भूमि पर काबिज लोगों को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने और बस्तर संभाग के सभी उद्योगों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है।
मीडिया से चर्चा में कमलेश झाड़ी ने कहा कि बस्तर जैसे अनुसूचित क्षेत्र में स्थानीय लोगों का विकास उनकी संस्कृति, परंपरा और “जल, जंगल, जमीन” की अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए होना चाहिए। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। इस दौरान सीपीआई जिला परिषद के सचिव कमलेश झाड़ी, सह सचिव राजू तेलाम, जेम्स कुड़ियाम, लक्ष्मीनारायण पोर्टक, कोवा राम हेमला, मोतीराम पोर्टक, राजेश, आयतू तेलाम, मंगू, सुरेश, रिंकू, शिवा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




