समापन दिवस रात्रि में भी मंदिर पर पराम्परागत नृत्य का आयोजन – ग्रामीण
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – विकासखंड भैरमगढ़ के अंतर्गत ग्राम छोटेगोंगला (बरदेला) में इस वर्ष मोरक्को मावली माता मेला मंडई (जात्रा) हर वर्ष की तरह भव्य रूप से मनाया गया। क्षेत्रीय आस्था और परंपरा के इस महापर्व में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं आसपास के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों व पुजारी अनुसार नेशनल हाईवे सड़क निर्माण कार्य के दौरान माता की मूर्ति प्राप्त हुई थी, जिसके बाद से लगभग 25 वर्षों से नियमित रूप से मेला आयोजित किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में कोरसा परिवार का विशेष योगदान बताया जाता है। वर्तमान में भावेश कोरसा की अध्यक्षता में हर वर्ष मेला समिति द्वारा सुव्यवस्थित रूप से आयोजन किया जाता है। इस वर्ष मेले के सफल संचालन के लिए व बनें बैनर में 35 पदाधिकारियों की समिति गठित की गई तस्वीर मिलीं, जिन्होंने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। मेले में पारंपरिक आदिवासी नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में उल्लास का वातावरण बना रहा। ग्राम छोटेगोंगला (बरदेला) बीजापुर जिले के विकासखंड भैरमगढ़ के अंतर्गत आता है। यह स्थान मुख्य मार्ग (एनएच-63) के समीप स्थित होने से आवागमन की सुविधा सुगम है। भैरमगढ़ क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। मेले के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि मावली माता के आशीर्वाद से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। आयोजन की सफलता पर समिति और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए अगले वर्ष और भी भव्य आयोजन का संकल्प लिया।



