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आदिवासी संस्कृति की चमक भानुप्रताप और साधना चिड़ियम ने आदि परब में दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान, समाज में खुशी की लहर

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बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – नवा रायपुर में आयोजित आदि परब 2026 में बीजापुर जिले के भानुप्रताप चिड़ियम और साधना चिड़ियम ने परधान जनजाति की पारंपरिक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा 13 और 14 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों की 43 जनजातियों तथा सीमावर्ती राज्यों के आदिवासी समुदायों ने अपनी समृद्ध परंपरा, कला, चित्रकला और वेशभूषा का प्रदर्शन किया।
अटायर शो के दौरान भानुप्रताप और साधना चिड़ियम की जोड़ी ने परधान जनजाति की पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण, वाद्ययंत्र, गीत-संगीत और नृत्य की जीवंत प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही और उन्हें “पावर कपल” के रूप में सराहा गया। इस उपलब्धि पर दोनों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम में विष्णुदेव साय, रामविचार नेताम, केदार कश्यप, रूपसिंह मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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समाज के लिए गर्व की बात

बीजापुर के इन युवा कलाकारों ने न केवल अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि परधान समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले और आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

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