मुंगेली/लोरमी।-जनपद पंचायत लोरमी अंतर्गत ग्राम पंचायत छपरवा के आश्रित ग्राम तिलईडबरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में 12 मार्च को बरामदे की छत का प्लास्टर गिरने की घटना के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) लोरमी की सक्रियता और जिम्मेदार कार्यशैली सामने आई है।
घटना की जानकारी मिलते ही BEO कार्यालय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रधान पाठक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा और मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया। इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।
👉 तत्काल निरीक्षण, जर्जर भवन पर सख्त रोक
निरीक्षण प्रतिवेदन के अनुसार 19 मार्च को स्कूल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि स्कूल भवन का एक हिस्सा जर्जर स्थिति में है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
इस पर BEO लोरमी ने तुरंत सख्त निर्णय लेते हुए जर्जर भवन में कक्षाओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही स्कूल को सुरक्षित स्थान—शिक्षक के खपरेला मकान—में संचालित करने के निर्देश दिए गए, जिसका पालन तत्काल किया गया।
प्रधान पाठक को चेतावनी जारी करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए हैं।
👉 बड़ा हादसा टला, सभी बच्चे सुरक्षित
12 मार्च को छत का प्लास्टर गिरने से कुछ बच्चों को हल्की चोटें आई थीं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय अधिकांश बच्चे बाहर खेल रहे थे, जिससे गंभीर हादसा टल गया।
घायल बच्चों का तत्काल इलाज कराया गया और वर्तमान में सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक दवाइयां और देखभाल भी सुनिश्चित की गई।
👉 जांच टीम की सक्रियता, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
घटना के दूसरे ही दिन 13 मार्च को संकुल प्राचार्य एवं समन्वयकों की संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत जांच की गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट BEO कार्यालय को सौंप दी है।
प्रधान पाठक से लिखित जवाब प्राप्त कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
👉 पढ़ाई प्रभावित न हो, वैकल्पिक व्यवस्था सफल
BEO ने यह सुनिश्चित किया कि इस घटना का बच्चों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति संतोषजनक बनी हुई है और मध्याह्न भोजन भी सुचारू रूप से वितरित किया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां निरंतर जारी हैं।
👉 जिम्मेदार प्रशासन की मिसाल बना BEO लोरमी
स्थानीय स्तर पर BEO लोरमी की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना हो रही है। जिस प्रकार घटना के तुरंत बाद निरीक्षण, नोटिस, जांच और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई, वह प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण है।
👉 सुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
BEO लोरमी ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जर्जर भवनों में संचालित स्कूलों की नियमित जांच की जाएगी और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तिलईडबरा की घटना ने जहां एक चेतावनी दी, वहीं BEO लोरमी की तत्परता और ठोस निर्णयों ने यह विश्वास भी मजबूत किया है कि शिक्षा विभाग बच्चों के सुरक्षित भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर और जिम्मेदार है।



