उत्तर बस्तर कांकेर 30 मई 2026/ ‘‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’’ के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में जिला सीईओ श्री हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में किया गया जिसमें राज्य सलाहकार श्रीमती मधुरिमा महेन्द्र गिरी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की विस्तृत जानकारी देते हुए कचरे के वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, उपचार एवं सुरक्षित निपटान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट का उचित प्रबंधन नहीं होने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है तथा विभिन्न गंभीर बीमारियों का खतरा उत्पन्न होता है, बढ़ती जनसंख्या, तीव्र औद्योगिकीकरण तथा कारखानों से निकलने वाले रासायनिक अवशेष एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ पर्यावरण के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए शहरी स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों तथा कचरा उत्पन्न करने वाले सभी संस्थानों की जिम्मेदारी और भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
कार्यशाला में ग्राम एवं ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर ग्रामों के निर्माण के लिए कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्यगण, जनपद पंचायत अध्यक्षगण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, स्वच्छाग्रही समूह की दीदियां तथा जिला पंचायत कांकेर के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



