बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
मुंगेली/लोरमी। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को मजबूत बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। लोरमी विकासखंड के ग्राम सिघनपुरी में किसानों के खेतों में लगा कृषि विद्युत ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा हुआ है। इसके चलते खेतों में सिंचाई पूरी तरह ठप हो गई है और धान सहित खरीफ फसलों की तैयारी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के प्रभाव क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद किसानों को एक महीने से बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि बिजली विभाग को कई बार शिकायत देने के बाद भी न तो ट्रांसफार्मर की मरम्मत की गई और न ही नया ट्रांसफार्मर लगाया गया।
किसानों का कहना है कि बरसात और बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में सिंचाई रुक जाने से फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के कारण किसानों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद यदि समय पर समाधान नहीं मिलता, तो सरकारी दावों और जमीनी व्यवस्था के बीच का अंतर साफ दिखाई देता है।
शिकायतकर्ता पियूष सिंह ठाकुर व अन्य ग्रामीण ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल खराब ट्रांसफार्मर बदलने अथवा उसकी मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो किसान जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र में भी किसानों की ऐसी स्थिति है, तो दूरस्थ ग्रामीण इलाकों की हालत का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। अब किसानों की निगाहें प्रशासन और बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
बिजली विभाग का पक्ष: इस संबंध में बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



