जीवनदीप समिति एवं जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा
गुणवत्तापूर्ण उपचार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर

रायगढ़, स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला चिकित्सालय रायगढ़ के सभाकक्ष में जीवनदीप समिति एवं जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला चिकित्सालय, 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल तथा जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला चिकित्सालय एवं 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान ओपीडी, आईपीडी, सामान्य एवं सिजेरियन प्रसव, प्रमुख एवं लघु शल्यक्रिया, मेडिकल लीगल प्रकरण, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, दंत चिकित्सा, फिजियोथेरेपी, आईसीयू, एनआरसी, डायलिसिस एवं टीकाकरण सहित विभिन्न सेवाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। इसके साथ ही ई-हॉस्पिटल मॉड्यूल, एबीएचए लिंकिंग, आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन एवं ब्रेन हेल्थ क्लिनिक के संचालन की भी समीक्षा की गई।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, चिरायु कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टिदोष नियंत्रण कार्यक्रम, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम, गैर संचारी रोग (एनसीडी) के अंतर्गत उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की स्क्रीनिंग, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टेली-कंसल्टेशन, आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, शत-प्रतिशत टीकाकरण, टीबी एवं कुष्ठ रोगियों की समय पर पहचान एवं उपचार, सिकल सेल स्क्रीनिंग में तेजी तथा उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति होनी चाहिए। कलेक्टर ने एबीएचए, आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन, ई-हॉस्पिटल प्रणाली एवं टेली-कंसल्टेशन जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों (एनक्यूएएस) का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा मरीजों को बेहतर, पारदर्शी एवं सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर व्यवहार सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। अस्पतालों में मरीजों को समय पर उपचार, आवश्यक दवाएं, जांच सुविधाएं एवं संवेदनशील व्यवहार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी विकासखंडों के बीएमओ एवं बीपीएम सहित अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार पटेल, स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, जिला चिकित्सालय एवं 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक, जिले के सभी विकासखंडों के बीएमओ एवं बीपीएम सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की, जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



