बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला -छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज बस्तर संभाग द्वारा पेसा कानून के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार पंचराम सलामे बीजापुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर के जरिए देश और राज्य के शीर्ष संवैधानिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के नाम प्रेषित किया गया। ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री (भारत सरकार), महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री (छत्तीसगढ़ शासन) के नाम संबोधित किया गया है।
ज्ञापन में समाज की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली मांग के तहत छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने तथा आवश्यकता पड़ने पर राज्य की आरक्षण व्यवस्था को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की गई, ताकि इसे न्यायिक चुनौतियों से सुरक्षित रखा जा सके। दूसरी मांग में अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत चुनाव के दौरान ओबीसी समाज को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने तथा इसे संविधान के प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करने की बात कही गई। तीसरी मांग में बस्तर एवं सरगुजा संभाग में पेसा कानून को पूरी पारदर्शिता, विश्वास और सभी वर्गों की सहभागिता के साथ लागू करने की मांग की गई। समाज का कहना है कि ओबीसी समाज को विश्वास में लिए बिना पेसा कानून लागू होने से उनके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुधाकर राव (जिला संरक्षक, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज बीजापुर), रामलाल यादव (जिला अध्यक्ष, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज भैरमगढ़), भूत सिंह विश्वकर्मा (सहसचिव, भैरमगढ़), वेंकटरमन्ना (जिला कोषाध्यक्ष, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज बीजापुर), संतु रामनाग (भैरमगढ़ ब्लॉक उपाध्यक्ष), किशोर नाग (सदस्य, भैरमगढ़), धर्मेंद्र यादव (सदस्य, भैरमगढ़), प्रताप सल्ला सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाज के सदस्य मौजूद रहे। तहसीलदार बीजापुर ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे जिला कलेक्टर के माध्यम से संबंधित उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।




