बीजापुर @रामचन्द्रम एरोला — विकासखंड भैरमगढ़ के ग्राम सकनापल्ली में भारतीय नववर्ष एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर स्वर्वेद शोभा यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। विहंगम योग संत समाज केंद्र गुदमा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ पूरे गांव में विशाल शोभा यात्रा निकाली। शोभा यात्रा के माध्यम से स्वर्वेद के आध्यात्मिक संदेश का व्यापक प्रसार किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने अपने संबोधन में आयोजन की सराहना करते हुए समाज में एकजुटता, परंपराओं के संरक्षण और नशामुक्ति पर विशेष बल दिया। साथ ही विहंगम योग संत समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम, जिला जनपद सदस्य प्रीति आर.के., जनपद सदस्य जितेंद्र कुमार लेकाम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सहिलेश मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पुजारी सोमारू पोयामी, महेश एवं भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम पिछले 9 वर्षों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आयोजित किया जा रहा है। गत वर्ष इसका आयोजन आवापल्ली ब्लॉक में हुआ था, जबकि इस वर्ष सकनापल्ली में इसे विशेष भव्यता प्रदान की गई।
कार्यक्रम में के.आर. चापडी (उपाध्यक्ष, विहंगम योग संत समाज छत्तीसगढ़ प्रांत), महेश चापडी (मंत्री), जिला पंचायत सदस्य लच्छू मोडियामी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोमारू कश्यप, सरपंच गुदमा नीता शाह, पोरिया राम, अशोक, मांडोराम, भूपत जुमार, मनडैया, मंगलू राम कोरसा, पूर्व सरपंच बामन माडवी, मूडाराम कोरामि, शांति कश्यप, अहिल्या चापडी, संगीता, पुजारी सुदरू मिच्चा, सरपंच इन्द्रा कुम्मा, पटेल लखमा मिच्चा, भजन मण्डली पुजारी सोमारू पोयामी, मन्नैया कुंजाम, कुम्मा मुन्ना, विनोद पोडियम, मासोराम पोयामी, अशोक परतागिरी, मंगलू कुरसम, रामदव कर्मा, मोहन कुडियम, चिन्नभ मिच्चा, सुन्दरी बघेल, लक्ष्मी, आशा कुडियम, मोटली कश्यप, दयामति माड़वी, भजन कीर्तन दिनेश माड़वी सहित टीम तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरूकता, सामाजिक समरसता और परंपराओं के प्रति आस्था का सशक्त संदेश दिया।



