Home कांकेर बेसहारा शिशु को मिले माता-पिता, दुबई के सतवानी दंपत्ति ने लिया गोद

बेसहारा शिशु को मिले माता-पिता, दुबई के सतवानी दंपत्ति ने लिया गोद

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*जिला पंचायत के सी.ई.ओ. ने दम्पति को सौंपा*

Ro.No - 13848/159

उत्तर बस्तर कांकेर, 27 मई 2026/ जिले में संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी के 07 माह शिशु को दुबई में निवासरत अप्रवासी भारतीय दम्पति श्री निखिल सतवानी व श्रीमती स्नेहा सतवानी ने दत्तक ग्रहण विनिमय के तहत् कानूनी रूप से गोद लिया। इसके लिए श्री निखिल सतवानी व श्रीमती स्नेहा का पंजीयन केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण में 25 मार्च 2022 को हुआ था। इसके बाद बच्चे का रेफरल कर रिजर्व किया गया।

इस प्रकार सतवानी दम्पति ने बालक से मुलाकात की और तुरंत बच्चे को स्वीकार करते हुए दत्तक ग्रहण संबंधी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। इस दौरान उन्होंने बच्चे की हर एक बाल क्रिया जैसे- बच्चे का करवट बदलना, मुस्कुराना, पलटना आदि क्रियाओं को दत्तक ग्रहण के कर्मचारियांे से संकलित की। अंततः मंगलवार 26 मई को बच्चा दत्तक ग्रहण समारोह में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेष मंडावी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन महिला एवं बाल विकास विभाग सहित श्री महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अनुकूल पाण्डे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रीना लारिया की उपस्थिति में दम्पति को बालक को सौंपा और शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विषेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में दत्तक में दिये जाने वाले 0-6 आयु के बालकों को रखा जाता है। अब तक एजेंसी के माध्यम से विधिवत कानूनी प्रक्रिया के तहत् 60 बच्चों को गोद में दिया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 21 बच्चों को दत्तक में दिया गया है व अन्य राज्यों में 31 बच्चों को दत्तक में दिया गया (विदेष) में 08 बच्चों को दत्तक में दिया गया है। वर्तमान में 44 भावी दत्तक माता-पिता विषेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में पंजीकृत है। भारत में कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से विनियमित और व्यवस्थित है। वर्तमान में यह व्यवस्था किषोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संषोधित 2021 और दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के तहत् संचालित है। इस पूरी प्रक्रिया को केन्द्र स्तर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक वैधानिक निकाय केन्द्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण संभालता है जो कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार में निःषुल्क पंजीयन कराया जाता है। भारत में दत्तक ग्रहण के लिए नियम, पात्रता और इसकी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत गोद लेने के इच्छुक माता-पिता को बुनियादी नियमों को पूरा करना होता है जिसके तहत पहचान से संबंधित दस्तावेज, वैवाहिक स्थिति, आयु सीमा, स्वास्थ्य जांच (भावी दत्तक माता-पिता व बच्चा), गृह अध्ययन रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज की उपलब्धता आवष्यक रहती है। वैध और कानूनी तरीके से ही दत्तक ग्रहण सुरक्षित है। यदि कहीं भी कोई बेसहारा अनाथ बच्चा मिले तो जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर या सीधे चाईल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचित किया जा सकता है।

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