मनेंद्रगढ़। नेशनल हाईवे-43 के किनारे संचालित गायत्रीबाई प्राइवेट पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध और कथित प्रदूषण को लेकर ग्राम पंचायत भलौर के सरपंच धर्मपाल सिंह ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने कलेक्टर एवं जिला एमसीबी को पत्र सौंपकर पोल्ट्री फार्म की जांच कर नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
सरपंच के अनुसार पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के रहवासियों, राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि फार्म से निकलने वाले अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्गंध बढ़ रही है और आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पत्र में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने संबंधी शिकायत का भी उल्लेख किया गया है।
CPCB की गाइडलाइन के पालन की मांग
सरपंच ने Central Pollution Control Board (CPCB) यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पोल्ट्री फार्म संबंधी पर्यावरणीय गाइडलाइन का हवाला देते हुए फार्म की स्थिति और नियमों के पालन की जांच की मांग की है। उन्होंने फार्म की क्षमता, NH-43 से दूरी, आवासीय क्षेत्र से दूरी, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अनुमति तथा अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
CPCB की पर्यावरणीय गाइडलाइन में पोल्ट्री फार्मों के स्थान, दुर्गंध नियंत्रण, मैन्योर/लिटर के प्रबंधन तथा मृत पक्षियों और अन्य अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर मानदंड निर्धारित किए गए हैं। सरपंच का कहना है कि इन प्रावधानों के अनुरूप फार्म का संचालन हो रहा है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पहले भी जांच और सुधार के निर्देश का दावा
सरपंच धर्मपाल सिंह ने बताया कि पूर्व में की गई शिकायत के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पोल्ट्री फार्म की जांच की गई थी। उनके अनुसार जांच के दौरान कुछ कमियां पाए जाने का उल्लेख करते हुए फार्म संचालक को निर्धारित समय में सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। सरपंच का कहना है कि इसके बावजूद समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने अपने ऊपर पैसे की मांग करने संबंधी लगाए जा रहे आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि शिकायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को परेशान करना नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुविधा से जुड़ी समस्या का समाधान कराना है।
_कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी_
सरपंच ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना उनका दायित्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय-सीमा में पोल्ट्री फार्म संचालक द्वारा आवश्यक सुधार नहीं किए गए और प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों के साथ एसडीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा।



